विचार मंच
रविवार, 22 जून 2014
सोमवार, 16 जून 2014
आज के विचार
राज नेतिक नेताओ की गिरफ़्तारी
आज के समाचारों में पूर्व मंत्री श्री लक्ष्मी नारायण शर्मा की गिरफ़्तारी या समर्पण के समाचारों कइ साथ यह भी पढने में आया की कोर्ट के बाहर काफी संख्या में समर्थक थे . एक प्रश्न यह है कि कोर्ट की कार्यवाही के बाहर समर्थको को ले जाने या आने के लिए प्रेरित करने के पीछे क्या उद्देश्य होते है . यह सब करके हम क्या दिखाना चाहते है?
१- क्या सरकार की कार्यवाही का विरोध के गए?
२- क्या उन पर लगाये गए आरोपों पर विरोध है ?
३- कोर्ट की कार्यवाही पर भरोसा नहीं?
४- उनके किये गए आरोपित कार्य के समर्थन का उद्देश्य है ?
यह गंभीरता से सोचने का विषय है .
शनिवार, 14 जून 2014
नई दिशा के संकेत
आज प्रधान मंत्री ने आई एन एस विक्रमादित्य को देश को समर्पित करते हुए एक तरह से भविष्य की रक्षा नीति की और इशारा किया है. उन्होंने कहा है कि हम क्यों नहीं हथियार निर्यात नहीं कर सकते .यह भविष्य की नीति तो इंगित करता ही है , साथ ही यह भी इशारा है कि क्यों इस बारे में पिछले ६५ वर्षो से सोचा नहीं गया . यह तो स्पष्ट है कि पूर्व कथित शासन कर्ताओ ने बिना अपनी स्वार्थ पूर्ती के कोई भी कम नहीं किया . उनकी सोच सिर्फ इतनी रहती थी कि अमुक कार्य के करने से कितने वोट हमको प्राप्त हो सकते है और कितनी हानि हो सकती है . देश का हित अनहित का तो प्रश्न ही नहीं . यदि देश हथियार बनाने लगेगा तो हथियारों की खरीद में मिलने वाली राशी कैसे प्रप्त होगी . बोफोर्स ,औगस्ता वेस्टलैंड जैसे कई उदहारण देखने को मिले .
मंगलवार, 27 मई 2014
मोदी युग का प्रारम्भ
आजादी के बाद देश में एक नया वातावरण उत्साह एवं उल्लास का बना है | जनमत को यह अहसास हो रहा है कि शायद देश की दिशा और दशा में अनिवार्य रूप से परिवर्तन साफ़ दिख रहा है | जनाकांक्षा के अनुरूप नेतृत्व करता का यह अवश्यम्भावी कर्तव्य है कि वह केवल मूक दृष्टा न होकर रचनात्मक रूप से ऐसे कार्य को हाथ में ले जिससे यह परिवर्तन का संकेत स्पष्टरूप से कार्य रूप में दिखाई देना चाहिए तभी जन आकांक्षाओं की पूर्ति हो सकेगी |
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